Haryana:महेंद्रगढ़ के गांव गुढ़ा का शार्प शूटर विकास को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दबोचा, ये 18 मामले हैं दर्ज - Sharp Shooter Vikas From Gudha Village In Mahendragarh Was Apprehended By The Delhi Crime Branch

Haryana:महेंद्रगढ़ के गांव गुढ़ा का शार्प शूटर विकास को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दबोचा, ये 18 मामले हैं दर्ज - Sharp Shooter Vikas From Gudha Village In Mahendragarh Was Apprehended By The Delhi Crime Branch

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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग के शार्प शूटर महेंद्रगढ़ जिले के गांव गुढ़ा निवासी विकास उर्फ विक्की को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सोमवार को धर दबोचा है। दिल्ली-एनसीआर में गैंगस्टर सिंडिकेट के खिलाफ इसे बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव गुढ़ा का रहने वाला विक्की लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक विकास उर्फ विक्की पर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र में हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण और रंगदारी जैसे 18 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। 

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार इंस्पेक्टर राकेश कुमार और एसीपी उमेश बर्थवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम कई महीनों से फरार गैंगस्टरों की तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी इलाके में जाल बिछाया, जहां विक्की अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। विज्ञापन विज्ञापन

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से हुई मुलाकात

विक्की दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक मामले में मुख्य आरोपी था और पिछले कई महीनों से फरार चल रहा था। अदालत ने उसे पांच अलग-अलग मामलों में पहले ही भगोड़ा घोषित कर रखा था। पूछताछ के दौरान उसने अपराध की दुनिया से जुड़े कई बड़े खुलासे किए। पुलिस पूछताछ में विक्की ने बताया कि वर्ष 2021 में जब वह जयपुर जेल में बंद था, तब उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से हुई। जेल के भीतर ही वह बिश्नोई के प्रभाव में आ गया और उसके सिंडिकेट का हिस्सा बन गया। बाद में जब लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गुटों के बीच आपसी तालमेल बना, तो विक्की ने खुद को गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के लिए समर्पित कर दिया। इसके बाद वह गैंग के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से रंगदारी और लूट की वारदातों को अंजाम देने लगा।

विकास उर्फ विक्की का नाम वर्ष 2023 में उस समय चर्चा में आया था, जब उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के प्रतिद्वंद्वी और कौशल गैंग के सरगना कौशल चौधरी की हत्या की साजिश रची। उसने गुरुग्राम के भोंडसी क्षेत्र में एक फ्लैट किराए पर लिया था, जहां रोहित गोदारा गैंग के दस शार्प शूटर ठहरे हुए थे। योजना यह थी कि जब कौशल चौधरी को अदालत में पेशी के लिए लाया जाए, तब उस पर हमला कर उसकी हत्या कर दी जाए। हालांकि हरियाणा एसटीएफ ने समय रहते छापा मारकर सभी दस शूटरों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन विक्की मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।

जून 2025 में विक्की ने एक बार फिर दिल्ली पुलिस को चुनौती दी। 23 जून की रात वह अपने दो साथियों गुरमीत और अमित के साथ एक कार में अवैध हथियार लेकर जा रहा था। चाणक्यपुरी इलाके में पेट्रोलिंग टीम ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उसके दोनों साथी तो पकड़ लिए गए, लेकिन विक्की अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस जांच में सामने आया कि गोल्डी बराड़ ने उसे दिल्ली के एक नामी क्लब के बाहर फायरिंग करने और व्यापारियों को डराकर रंगदारी वसूलने की जिम्मेदारी दी थी।

विक्की का आपराधिक इतिहास 2013 से शुरू हुआ है। उसके खिलाफ गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, जयपुर, हिसार और महाराष्ट्र के चिंदवाड़ा में दर्जनों मामले दर्ज हैं। वह अपहरण और फिरौती के मामलों में भी सक्रिय रहा है। साल 2024 में जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी आपराधिक गतिविधियां और तेज कर दी थीं और लगातार ठिकाने बदलता रहा, ताकि पुलिस उसकी गिरफ्त तक न पहुंच सके।

डीसीपी पंकज कुमार के अनुसार विकास उर्फ विक्की की गिरफ्तारी से रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ गैंग के नेटवर्क को दिल्ली-एनसीआर में बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे अवैध हथियार कहां से मिलते थे, दिल्ली में किन-किन व्यापारियों को वह निशाना बना रहा था और लोनी में उसे पनाह देने वाले उसके मददगार कौन थे।

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